दिन के ज्यादातर समय गिरावट में कारोबार करने के बाद 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 287 अंक चढ़कर 77,656 पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 115 अंक बढ़कर 24,334 के स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, अडाणी पोर्ट्स, इंफोसिस, ट्रेंट और टाइटन सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में रहे। वहीं एटरनल, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व और एचडीएफसी बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
मार्केट एक्सपर्ट शरद कोहली ने कहा कि निफ्टी पर सीएएस का असर अभी भी दिखाई दे रहा है। सीएएस लागू होने के बाद यह पहली मंथली एक्सपायरी थी। मंथली एक्सपायरी के कारण शॉर्ट कवरिंग भी हुई और पहले बनाए गए शॉर्ट पोजिशन को कवर किया गया।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। वहीं प्राइवेट सेक्टर के बैंक, एनर्जी और मेटल शेयरों में सुस्ती देखने को मिली।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और चीन का शंघाई कंपोजिट बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी बढ़त के साथ कारोबार हुआ, जबकि ज्यादातर अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,181 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, शॉर्ट कवरिंग और कारोबार के आखिरी हिस्से में हुई खरीदारी से घरेलू बाजारों को मजबूती मिली।
Author: JAN TV Editorial Team
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