कंपनी के अनुसार, पायलट परियोजना के तहत बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को खरखौदा प्लांट के आंतरिक बिजली वितरण नेटवर्क से जोड़ा गया है। इस पहल का उद्देश्य अतिरिक्त सौर ऊर्जा का बेहतर उपयोग करना और बिजली आपूर्ति को अधिक प्रभावी बनाना है।
मारुति सुजुकी ने वर्ष 2025 में इसी प्लांट में 20 मेगावाट पीक (20 MWp) क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की थी। हालांकि, फैक्टरी बंद रहने या मांग कम होने के दौरान उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त सौर ऊर्जा का उपयोग नहीं हो पाता था।
कंपनी के अनुसार, नया बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम कम मांग वाले समय या फैक्टरी की छुट्टियों के दौरान उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को संग्रहित करेगा और आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग किया जाएगा। इससे ऊर्जा की बर्बादी कम होगी और बिजली का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
मारुति सुजुकी का कहना है कि यह प्रणाली न केवल नवीकरणीय ऊर्जा के अधिकतम उपयोग में मदद करेगी, बल्कि बिजली ग्रिड की स्थिरता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कंपनी इसे भविष्य की ऊर्जा दक्षता और टिकाऊ विनिर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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