अंबुबाची मेला मां कामाख्या के वार्षिक रजस्वला काल का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंदिर तीन दिनों तक बंद रहता है और विशेष पारंपरिक अनुष्ठानों के बाद चौथे दिन कपाट खोले जाते हैं। इसे देश के सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र आध्यात्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है।
मंदिर के पुनः खुलने के अवसर पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य भी कामाख्या मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए सुचारु और व्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर प्रशासन की सराहना की।
हर वर्ष आयोजित होने वाला चार दिवसीय अंबुबाची मेला देश-विदेश से आने वाले साधु-संतों, तांत्रिकों और लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस बार भी मंदिर खुलते ही दर्शन के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।
Author: JAN TV Editorial Team
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