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तेलंगाना के राजन्ना-सिरसिला जिले में जहां करघे पर कई कपड़े बनाए जाते हैं, वहीं रेखा वेल्डी ने अपनी मेहनत और लगन से पवित्र माला बनाने का ऐसा तरीका ईजाद किया है, जो न सिर्फ उनकी बदौलत स्थापित हो रहा है, बल्कि कई परिवारों का पेट भी भर रहा है। रेखा ने पारंपरिक हस्तनिर्मित माला बनाने की मशीन बनाई है और बाजार में मांग को पूरा करने के लिए उन्होंने साइकिल के पहियों में मोटर बोल्ट लगाकर माला बनाने की मशीन बनाई है। इससे उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। इसकी बदौलत रेखा अब पवित्र मलालू यानी पवित्र मालाएं बना रही हैं और 10 महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं। "मैं पहले सिलाई का काम करती थी, लेकिन अब यहाँ माला बनाकर ज़्यादा कमा रही हूँ। पहले मैं 100 रुपये कमाती थी, लेकिन अब मैं हर दिन 200-250 रुपये कमा लेती हूँ। मेरे जैसी कई महिलाओं को रोज़गार मिल रहा है, और हम इस अवसर के लिए आभारी हैं।"
Author: JAN TV Editorial Team
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