डांटना या बार-बार सज़ा देना स्थिति को बिगाड़ सकता है, क्योंकि इससे बच्चा डर की वजह से सच छुपाने लगेगा। इसके बजाय शांत तरीके से बात करना, सच बोलने पर उसकी प्रशंसा करना और माता–पिता का स्वयं उदाहरण बनना अधिक प्रभावी होता है।
एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि बच्चे को सुरक्षित और स्वीकार्य वातावरण मिले, ताकि वह अपनी गलती मानने में हिचके नहीं। जब बच्चा समझता है कि गलती करना बुरा नहीं है, लेकिन उसे
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।