टाटा टेक्नोलॉजीज ने इस दिशा में WATTSync नामक एडवांस डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश किया है। यह प्लेटफॉर्म बैटरी के “जन्म” यानी निर्माण से लेकर उसके उपयोग, मेंटेनेंस और अंत में रीसाइक्लिंग तक हर स्टेज की जानकारी को रिकॉर्ड करेगा। इससे न केवल बैटरी की लाइफ और प्रदर्शन पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि इस्तेमाल हुए मटेरियल की चोरी या हेराफेरी जैसे मामलों को रोकने में भी मदद मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य है कि BPAN वाले इस सिस्टम से बैटरी सुरक्षा, पारदर्शिता और निगरानी बढ़े। यह यूरोपीय संघ के ग्लोबल बैटरी पासपोर्ट मानकों के अनुरूप भी है, जिससे भारत वैश्विक मानकों पर खड़ा हो सके। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि EV बाजार में बैटरी के रिसाइक्लिंग और सस्टेनेबिलिटी को भी बढ़ावा मिलेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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