अमरनाथ यात्रा शुरू हुए अभी दो हफ्ते ही हुए हैं। लेकिन शिवलिंग का आकार घटकर आधा रह गया है। 28 जून को जब ये यात्रा शुरू हुई थी तब शिवलिंग का आकार 18 फीट के करीब था, जो अब महज 7 फीट का बचा है। जानकारों का कहना है कि बाबा बर्फानी के पिघलने की बड़ी वजह बढ़ती भीड़ भी है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड का कहना है कि हिमलिंग को बचाने के लिए वो वैज्ञानिकों की मदद लेने पर विचार कर रहा है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस बार भी अब तक दो लाख से ज्यादा लोग आ चुके हैं। लेकिन हर रोज, हर पल एक सवाल बड़ा होता जा रहा है क्या हर साल की तरह इस बार भी शिवलिंग पूरी तरह पिघल जाएगा। क्योंकि बाबा बर्फानी 17 दिन में ही आधे से ज्यादा पिघल चुके हैं। वैज्ञानिक ग्लोबल वॉर्मिंग को इसकी बड़ी वजह मानते हैं। एक और वजह है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हर रोज 10 हजार से ज्यादा लोग शिवलिंग तक जा रहे हैं। जिसकी वजह से पवित्र गुफा में गर्मी बढ़ने की ये भी एक अहम वजह है। मौसम विभाग की निदेशक सोनम लोटस का कहना है कि गुफा में तापमान 20 डिग्री तक पहुंच गया है। जिससे शिवलिंग पिघल सकता है। तापमान बढ़ने और शिवलिंग पिघलने से परेशान अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ऐसी तकनीक खोज रहा है जिससे भक्तों की भीड़ गुफा का तापमान ना बढ़ाए।
Author: JAN TV Editorial Team
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