श्रद्धालु लाहौर स्थित गुरुद्वारा डेरा साहिब में विशेष रूप से मत्था टेकेंगे, जो गुरु अर्जन देव जी की शहादत से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल माना जाता है। इसके अलावा यह जत्था ननकाना साहिब, पंजा साहिब, रोरी साहिब, सच्चा सौदा और करतारपुर साहिब सहित कई गुरुधामों के दर्शन करेगा।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सदस्य और जत्था लीडर भूपिंदर सिंह भलवान ने बताया कि इस यात्रा में 541 श्रद्धालु शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 18 तारीख को लाहौर में एक विशेष समागम आयोजित किया जाएगा और इसके बाद 19 तारीख को जत्था भारत वापस लौटेगा।
तीर्थयात्रियों ने इस अवसर पर खुशी जताते हुए कहा कि लंबे समय बाद उन्हें पवित्र स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। कुछ श्रद्धालुओं ने यह भी बताया कि यह उनके लिए एक भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव है।
यात्रियों ने भारत और पाकिस्तान सरकार से वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु गुरुधामों के दर्शन कर सकें। साथ ही उन्होंने दोनों देशों से उन धार्मिक कॉरिडोर को फिर से खोलने की मांग की, जिन्हें पहले बंद कर दिया गया था।
श्रद्धालुओं के अनुसार, इससे पहले सिख जत्था 2013 में गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर पाकिस्तान गया था। इस बार की यात्रा को सिख समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर माना जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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