श्रीनगर स्थित बालटाल बेस कैंप में शुक्रवार को उपद्रव के कारण अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। बेस कैंप में कथित छेड़छाड़ के बाद लंगर वाले और घोड़े वाले आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि सीआरपीएफ को आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा। इससे 37 लोग घायल हो गए। घोड़े वालों के समर्थन में आए प्रदर्शनकारियों ने 60 से अधिक टैंटों में आग लगा दी। घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। यहां देशभर के करीब 5000 से ज्यादा श्रद्धालु फंसे हुए हैं। इनमें जयपुर और कोटा शहर के श्रद्धालुओं सहित 400 राजस्थानी भी हैं। मामला शुक्रवार को तब उग्र हो गया। जब छेड़खानी के मामले में बचाव करने आए एक घोड़ेवाले के घायल होने पर दर्जनों लोग उनके समर्थन में आ गए। उन्होंने लंगर वालों पर हमला कर दिया। पथराव किया और टैंटों में आग लगा दी। शिव सेना मंडल जयपुर के अध्यक्ष पंकज सोनी ने बताया कि घटना में 60 से अधिक टैंट जल गए और 17 लंगरों को नुकसान पहुंचा। जब आग लगी तब लंगरों में गैस सिलेंडर रखे थे। उनमें भी धमाके हुए और आग भड़क गई। उपद्रव के बाद विरोधस्वरूप सभी भंडारे वालों ने अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा की है। इस बीच इस घटना का कारण जानने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। घटना के बाद यात्रा को बालटाल में ही रोक लिया गया है। उधर हंगामे के बाद जम्मू से निकले एक अन्य जत्थे को बनिहाल में ही रोक लिया गया है। इस बीच, यात्रा के दौरान गुजरात की चंपा नारी मनोहर और पंजाब के कंचन सिंह की हार्टअटैक से मौत हो गई। हंगामे के दौरान शिव सेना मंडल जयपुर की ओर लगाए गए भंडारे में भी तोड़फोड़ की गई है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।