(UTTARANCHAL, India)
यहां उत्तराखंड राज्य आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में अनेक स्थानों पर पिछले 24 घंटे के दौरान मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सर्वाधिक बारिश टनकपुर में 109 मिमी दर्ज की गयी जबकि चंपावत में 59 मिमी, बेरीनाग में 38.2 मिमी, देहरादून में 35.7 मिमी, धारचूला 35 मिमी, डीडीहाट 33 मिमी, गंगोलीहाट में 30 मिमी, हल्द्वानी में 27 मिमी, कोश्याकुटौली में 25 मिमी और कपकोट में 22.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। लगातार बारिश से गंगा,यमुना,शारदा और काली सभी प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है और उनके किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। प्रदेश का बाढ़ नियंत्रण विभाग भी नदियों के बढते जलस्तर पर नजर रखे हुए है। रुक-रुककर लगातार बारिश जारी रहने से सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण पहाड़ों से हो रहे भूस्खलन से अनेक मार्ग अवरूद्घ हो गये हैं, जिससे कई गांवों में जरूरी सामान की आवाजाही प्रभावित है। ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सिरोबगड़ में और ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग लामबगड़ में मलबा आने से बंद है वहीं गंगोत्री राजमार्ग सुखीटाप और यमुनोत्री जंगलचटटी में बंद है। सूत्रों ने बताया कि सभी जगहों पर सीमा सड़क संगठन के जवान मलबा साफ कर यातायात खोलने के प्रयास में लगे हैं। उधर, पिछले छह दिन से बंद पड़ी केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा अब भी दोबारा शुरू नहीं हो पाई है जबकि बार-बार खुलते और बंद होते रहे मार्गो से चलकर कुछ तीर्थयात्री गंगोत्री और यमुनोत्री पहुंचने में सफल हो गए। आपदा परिचालन केंद्र के अनुसार, कल 138 तीर्थयात्रियों ने गंगोत्री धाम के और 131 तीर्थयात्रियों ने यमुनोत्री धाम के दर्शन किए।
Author: JAN TV Editorial Team
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