(India)
सनस्क्रीन में पाए जाने वाले आम अवयवों का इस्तेमाल कर सिंगापुर की नान्यांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक स्मार्ट बैटरी का विकास किया है। चार्जिग की प्रक्रिया को तेज करने के लिए जेल आधारित सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। शोधकर्ताओं ने बैटरी के एनोड के रूप में ग्रेफाइट की जगह टाइटेनियम ऑक्साइड से बने एक जेल का इस्तेमाल किया है। हफिंगटन पोस्ट की रपट के मुताबिक, टाइटेनियम ऑक्साइड से बना यह एनोड बैटरी में रासायनिक प्रतिक्रिया को तेज करता है। यह बैटरी 10 हजार बार तक चार्ज हो सकती है और यह 20 सालों तक इस्तेमाल में लाई जा सकती है। यह बैटरी अगले दो सालों में बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध हो सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।