ईरान में 22 साल की महसा अमिनी की मौत के बाद से प्रदर्शन हो रहे हैं. महिलाएं हिजाब उड़ा रहीं हैं. अपने बाल काट रहीं हैं. ईरान में महिलाएं अपने बाल काट रहीं हैं. सुरक्षाबलों के सामने अपने हिजाब उड़ा रहीं हैं और उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दे रहीं हैं. सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर सुनते थे जनता की फरियाद
बड़ौत। नगर के सिंचाई बंगले को बाबा शाहमल ने अपना न्यायालय बना लिया था और यही पर वे जनता की समस्याएं सुनते थे। यह बंगला 1857 की क्रांति का एक अहम हिस्सा रहा है। इसमें बाबा शाहमल समेत हजारों क्रांतिकारियों की अनगिनत यादें सिमटी हैं।
जुल्म की कहानी बयां करता है बरगद का पेड़
बड़ौत। बिजरौल गांव जहां अमर शहीद बाबा शाहमल का जन्म हुआ, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने और 1857 क्रांति में हिस्सा लेने के कारण अंग्रेजों द्वारा पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया। इसको लेकर अंग्रेजी सरकार ने जुल्म की हद पार कर बिजरौल गांव को बागी करार कर यहां के 32 क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर गांव के दक्षिणी छोर पर मौजूद बरगद के पेड़ पर फांसी पर लटका दिया गया था।
29 गांवों को अंग्रेजों ने बागी घोषित कर दिया था।
Author: JAN TV Editorial Team
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