इस अवसर पर मेष राशि वालों को गुड़ या शहद मिश्रित जल से अभिषेक करने की सलाह दी जाती है, वहीं वृषभ के लिए दूध-दही, मिथुन के लिए गन्ने का रस और कर्क राशि के लिए अक्षत मिला जल शुभ माना जाता है। सिंह को शहद व लाल चंदन, कन्या को भांग मिश्रित जल और तुला को घी से अभिषेक करने की परंपरा बताई जाती है। वृश्चिक के लिए गंगाजल व गुलाब जल, धनु के लिए पीली सरसों, मकर के लिए काले तिल और बिल्वपत्र, कुंभ के लिए पंचामृत या सरसों का तेल और मीन राशि के लिए घी व गंगाजल के साथ महामृत्युंजय मंत्र का जाप शुभ फल देने वाला माना गया है।
आचार्यों के अनुसार इन उपायों के साथ “ॐ नमः शिवाय” जैसे मंत्रों का 108 बार जाप करने से साधना को और प्रभावी बनाया जा सकता है। भक्तों का विश्वास है कि सही विधि से किया गया पूजन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और स्थिरता लेकर आता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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