बताया जा रहा है कि यह सिस्टम ‘क्वांटम मैग्नेटोमेट्री’ पर आधारित है, जिसमें हर व्यक्ति की हार्टबीट से निकलने वाले बेहद सूक्ष्म इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल को AI के जरिए पहचानकर उसकी सटीक लोकेशन तय की जाती है। खास बात यह है कि यह तकनीक दूर से भी काम कर सकती है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में इसकी सटीकता कम हो सकती है। सुनसान और कम सिग्नल वाले इलाकों में यह ज्यादा प्रभावी मानी जा रही है।
हालांकि अमेरिका सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस तकनीक की पुष्टि नहीं की है, लेकिन CIA प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने इशारों में उन्नत खुफिया क्षमताओं का जिक्र जरूर किया है। अगर यह तकनीक पूरी तरह विकसित हो जाती है, तो यह खोज और बचाव अभियानों के साथ-साथ सुरक्षा और जासूसी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है—साथ ही निजता (privacy) को लेकर नई बहस भी छेड़ सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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