अयोध्या में सरयू नदी के घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने पवित्र स्नान कर भगवान से सुख-समृद्धि और मोक्ष की कामना की। श्रद्धालुओं के अनुसार इस दिन स्नान, दान और भगवान सत्यनारायण की कथा सुनने का विशेष महत्व होता है।
वहीं हरिद्वार के हर की पौड़ी पर भी इसी तरह के दृश्य देखने को मिले, जहां गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने इसे आत्मिक शांति और पुण्य प्राप्ति का माध्यम बताया।
प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। तेज गर्मी के बावजूद दिनभर लोग संगम में स्नान करते रहे और भगवान विष्णु को समर्पित इस दिन पर पूजा-अर्चना और दान-पुण्य किया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ परंपराओं में भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार भी माना जाता है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा, जिसे बुद्ध जयंती भी कहा जाता है, भगवान गौतम बुद्ध के जन्म और उनके ज्ञान प्राप्ति के संदेश का प्रतीक है, जो आज भी समाज को शांति, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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