पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती गर्मी और वाष्पीकरण के कारण जल स्तर में गिरावट आ रही है, जो आने वाले समय में जल संकट का संकेत हो सकता है।
पर्यावरण जानकार सुभाष पांडे ने बताया कि बड़ा तालाब भोपाल की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी को पेयजल उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि झील का विस्तृत क्षेत्र होने के कारण गर्मियों में वाष्पीकरण से लगभग 12 से 15 प्रतिशत पानी कम हो जाता है।
हालांकि, भोपाल नगर निगम का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और फिलहाल पानी की कोई किल्लत नहीं है। मेयर मालती राय ने कहा कि जून में मानसून आने की उम्मीद है और वर्तमान में नगर निगम पर्याप्त जल आपूर्ति कर रहा है।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि झील के आसपास हरियाली बढ़ाने, पेड़ों की सघनता बढ़ाने और जल संरक्षण उपायों को अपनाने से वाष्पीकरण की दर कम की जा सकती है। साथ ही बारिश के पानी का संचय और जल की बर्बादी रोकने पर भी जोर दिया गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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