गुजरात में तापमान बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने जानवरों की सुरक्षा के लिए कई मानक प्रक्रियाएं लागू की हैं। पिंजरों के अंदर और बाहर लगभग 38 से 40 औद्योगिक कूलर लगाए गए हैं। साथ ही पिंजरों के ऊपर ग्रीन नेट लगाकर सीधी धूप को रोका जा रहा है।
चिड़ियाघर अधीक्षक डॉ. सर्व शाह के अनुसार, जानवरों को तरबूज, गन्ना, खीरा और शक्कर जैसे ठंडे फल दिए जा रहे हैं। इसके अलावा पीने के पानी में ORS मिलाया जा रहा है ताकि जानवरों में डिहाइड्रेशन की समस्या न हो।
दरियाई घोड़े, मगरमच्छ और बाघ जैसे जानवरों के लिए पानी के हौज और पूल की नियमित सफाई की जा रही है और उन्हें ठंडा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। दोपहर के समय पिंजरों के अंदर और बाहर पानी का छिड़काव भी किया जाता है ताकि तापमान नियंत्रित रहे।
आगंतुकों के लिए भी चिड़ियाघर में ठंडे पेयजल की व्यवस्था और हरियाली सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रीन कवर की वजह से परिसर का तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जाता है, जिससे जानवरों को गर्मी से काफी राहत मिलती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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