प्रयागराज के संगम तट पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पवित्र स्नान और विशेष पूजा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार ज्येष्ठ अमावस्या का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि यह शनि जयंती और शनिवार के संयोग में पड़ी। साथ ही वट सावित्री व्रत के कारण भी पर्व को विशेष रूप से शुभ माना गया।
वहीं, हरिद्वार में भी गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए भक्तों ने गंगा स्नान कर परिवार की सुख-समृद्धि और पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना की।
इसी दौरान देश के कई हिस्सों में महिलाओं ने वट सावित्री व्रत भी रखा। Bihar के बाढ़ क्षेत्र में महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा कर उसके चारों ओर पवित्र धागा बांधा और अपने पति की लंबी उम्र एवं परिवार की खुशहाली की कामना की।
Author: JAN TV Editorial Team
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