भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षित इस स्मारक में श्रद्धालु फूल-मालाएं लेकर पहुंचे और सरस्वती वंदना व मंत्रोच्चार करते नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि वर्षों के संघर्ष के बाद उन्हें यह दिन देखने को मिला है और अब वे नियमित रूप से यहां पूजा कर पाएंगे।
हालांकि, एक श्रद्धालु द्वारा वाग्देवी की तस्वीर परिसर में स्थापित करने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में ASI के नियमों के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। श्रद्धालुओं ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की बात भी कही।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार धार में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 1200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
इंदौर ग्रामीण रेंज के डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालु परिसर में दर्शन कर रहे हैं और कानून-व्यवस्था पर पूरी नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने अपने 242 पन्नों के फैसले में भोजशाला को वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर की धार्मिक प्रकृति के रूप में मान्यता दी है और ASI के 2003 के आदेश को भी रद्द कर दिया है, जिसमें पूजा और नमाज को लेकर अलग-अलग दिन निर्धारित किए गए थे।
वहीं, मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की है, जबकि हिंदू पक्ष की ओर से कैविएट दाखिल की गई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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