व्यापारियों के अनुसार, बिक्री में कमी के पीछे दो प्रमुख कारण हैं—पहला, पश्चिम एशिया संकट जिसके कारण कच्चे तेल और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, और दूसरा, मौसम का अनिश्चित व्यवहार जिसमें अचानक बारिश और तापमान में गिरावट शामिल है।
बार-बार हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे कूलिंग उपकरणों की मांग प्रभावित हुई है। हालांकि बारिश रुकने के बाद कुछ दिनों से बाजार में हल्की हलचल देखी जा रही है, लेकिन मांग अभी भी सामान्य स्तर से काफी कम है।
सिम्फनी एयर कूलर के एरिया मैनेजर सुनील मिश्रा ने बताया कि इस सीजन में अपेक्षित मांग नहीं दिख रही है और 2024 की तुलना में बिक्री भी कम है।
वहीं, मौसम विभाग ने भी पुष्टि की है कि इस वर्ष अप्रैल और मई में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिसका असर तापमान और बाजार दोनों पर पड़ा है।
व्यापारियों का यह भी कहना है कि जीएसटी दरों में कमी का लाभ ग्राहकों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है, क्योंकि कच्चे माल और परिवहन लागत में बढ़ोतरी ने कीमतों को प्रभावित किया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स डीलरों के अनुसार, ईंधन की कीमतों में वृद्धि से ट्रांसपोर्टेशन लागत भी बढ़ी है, जिससे कुल मिलाकर उत्पाद महंगे हो गए हैं। फिलहाल व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में मौसम स्थिर होने और गर्मी बढ़ने के साथ मांग में सुधार होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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