यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए लाभदायक साबित हो रही है, जिन्हें रोज़गार के सिलसिले में लंबे समय तक खुले आसमान के नीचे काम करना पड़ता है। स्टेशन पर लोगों के लिए ठंडा और छायादार वातावरण, स्वच्छ पेयजल और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
दिहाड़ी मजदूरों का कहना है कि स्टेशन के अंदर का माहौल बाहर की तुलना में काफी ठंडा रहता है। यहां बैठने से गर्मी से राहत मिलती है और कुछ देर आराम करने का अवसर भी मिलता है। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए शहर के अन्य प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भी ऐसी सुविधाएं शुरू करने की मांग की है।
यह परियोजना जयपुर नगर निगम और महिला हाउसिंग ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से विकसित की गई है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली और प्राकृतिक शीतलन तकनीकों का उपयोग करती है, जिससे ऊर्जा की खपत कम होती है और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
स्टेशन की प्रभारी पिंकी शर्मा के अनुसार, यह सुविधा मजदूरों, छात्रों और अन्य जरूरतमंद लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। यहां लोग कुछ समय आराम कर सकते हैं और गर्मी से राहत पा सकते हैं। चूंकि यह पूरी तरह सौर ऊर्जा पर आधारित है, इसलिए इसे ‘नेट जीरो कूलिंग स्टेशन’ नाम दिया गया है।
अधिकारियों को उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे और कूलिंग स्टेशन शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थापित किए जाएंगे, ताकि बढ़ते तापमान के बीच आम लोगों को राहत मिल सके और गर्मी से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।
Author: JAN TV Editorial Team
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