भूस्खलन की घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कल्लाडी स्थित सुरंग निर्माण स्थल पर हुई, जिसके बाद दोपहर 12:30 बजे मौसम विभाग ने वायनाड के लिए रेड अलर्ट घोषित किया। इसके साथ ही पड़ोसी कोझिकोड जिले में भी रेड अलर्ट जारी किया गया, जबकि मलप्पुरम, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है।
मौसम विभाग के अनुसार, रेड अलर्ट का अर्थ है कि 24 घंटों में 204 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं ऑरेंज अलर्ट के दौरान 115 से 204 मिमी और येलो अलर्ट के दौरान 64 से 115 मिमी तक बारिश का अनुमान होता है।
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बताया कि भूस्खलन की इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि सात लोगों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा सात अन्य लोगों के लापता होने की सूचना है। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना के समय सुरंग निर्माण स्थल पर मजदूर मौजूद नहीं थे। मलबे में दबे होने की आशंका जिन लोगों की है, वे इंजीनियर और सुरक्षा कर्मी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि उस समय निर्माण कार्य चल रहा होता तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था।
भूस्खलन मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ, जहां मलप्पुरम और वायनाड को जोड़ने वाली सुरंग परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। हादसे के दौरान वहां खड़ी मजदूरों को लाने-ले जाने वाली एक निजी बस भी मलबे और तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गई और आधी डूब गई। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
Author: JAN TV Editorial Team
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