(India)
भक्त थावे मंदिर में आकर सिंहासिनी भवानी मां के दरबार का दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेकर खुद को धन्य समझते हैं। मान्यता है कि दयालु मां यहां आने वाले श्रद्धालुओं के सभी मनोरथ पूरी करती हैं। गोपालगंज जिला मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर सीवान जाने वाले मार्ग पर थावे नाम का एक स्थान है, जहां मां थावेवाली मां एक प्राचीन मंदिर है। मां थावे वाली को सिंहासिनी भवानी, थावे भवानी और रहशु भवानी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे तो मां के भक्त यहां सालों भर आते हैं, परंतु शारदीय नवरात्र और चैत्र नवरात्र के समय यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगती है। मान्यता है कि यहां मां अपने भक्त रहशु के बुलावे पर असम के कामाख्या से चलकर यहां पहुंची थीं। कहा जाता है कि देवी मां कामाख्या से चलकर कलकत्ता (कोलकाता) के दक्षिणेश्वर में काली के रूप में प्रतिष्ठित हुईं, पटना में पटन देवी के नाम से जानी गईं। आमी (छपरा जिले में मां दुर्गा का एक प्रसिद्ध स्थान) होते हुए थावे पहुंची थीं और रहशु के मस्तक को विभाजित करते हुए भक्तों को साक्षात दर्शन दिए थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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