फाल्गुन का महीना और वसंत का मौसम जब साथ होते हैं तो धरती की तुलना सजी-धजी दुल्हन से की जाने लगती है। इस बार फाल्गुन का महीना 4 फरवरी, बुधवार से शुरू हो गया है। मीलों तक फैले पीली सरसों के खेत देख ऐसा लगता है कि जैसे धरती ने पीली चुनर ओढ़ रखी है। हर वर्ष फाल्गुन का महीना आते ही सारा वातावरण जैसे रंगीन हो जाता है और हो भी क्यों न, खेतों में पीली सरसों लहलहाती है, पेड़ों पर पत्तों की हरी कोपलें और पलाश के केसरिया फूल। इन सब को देखकर मन भी अनायास ही रंगीन हो जाता है। ऐसा होता है फाल्गुन का खुमार। इस दौरान हिंदू धर्मावलंबी फाग महोत्सव भी मनाते हैं। जो इस मास की महिमा और बढ़ा देता है। रंगों का त्योहार होली भी फाल्गुन मास की पूर्णिमा को रंग, उत्साह, मस्ती और उल्लास का त्योहार मनाया जाता है। ऐसा लगता है कि प्रकृति भी हमारे साथ-साथ फाल्गुन का मजा ले रही हो। फाल्गुन का यही उत्सवी माहौल इसे अन्य महीनों से जुदा बनाता है और खास भी।
Author: JAN TV Editorial Team
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