नवरात्रि में माँ दुर्गा की नौ दिनों में प्रत्येक दिन नौ रूप, शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री देवी की पूजा-अर्चना करने का विधान है. ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि में नौ दिनों तक माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करने वाले को जीवन में उसे सुख, शांति, यश और समृद्धि की प्राप्ति होती है. माता दुर्गा हिन्दू धर्म आदिशक्ति तथा अत्यन्त शीघ्र फल प्रदान करनेवाली देवी के रूप में प्रतिष्ठित है. शक्तिदायिनी माता दुर्गा की आराधना के लिए वर्ष के दो पक्ष अति महत्वपूर्ण माने जाते हैं.यह दो पक्ष है चैत्र शुक्ल पक्ष तथा आश्विन शुक्ल पक्ष जिसे क्रमशः चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र के रूप में जाना जाता है. इस वर्ष चैत्रीय नवरात्र शनिवार 21 मार्च से शुरू होकर शनिवार 28 मार्च को समाप्त होगा. नवरात्र शनिवार से शुरू होकर शनिवार में ही समाप्त होना सामाजिक आर्थिक दृष्टि से श्रेष्ठ तथा समृद्धि का कारक होगा. नवरात्र के प्रथम दिन 21 मार्च को दिन-रात बराबर होंगे.यह भी एक दैवीय संयोग है.
Author: JAN TV Editorial Team
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