अजमेर में महान सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के 803वें उर्स की अनौपचारिक शुरूआत बुधवार को ऐतिहासिक बुलंद दरवाजे पर झंडा चढाने की रस्म के साथ हो गई। भीलवाड़ा के गौरी खानदान ने फखरूद्दीन गौरी के नेतृत्व में दरगाह के बुलंद दरवाजे पर झंडा चढाने की रस्म अदा की। यही खानदान वर्ष 1944 से गरीब नवाज के उर्स का झंडा चढाने की रस्म अदा कर रहा है। सालाना उर्स में झंडा चढाने के ऐतिहासिक पल के गवाह बनने बडी संख्या में आशिकाने ख्वाजा दरगाह परिसर में मौजूद रहे। इससे पहले सूफियानों कलामों और सीआरपीएफ के बैंड की मधुर धुनों के साथ झंडे का जुलूस दरगाह गेस्ट हाउस से प्रारंभ हुआ। जो लंगर खाना गली होते हुए निजाम गेट से बुलंद दरवाजा पहुंचा। जहां दरगाह कमेटी के मौरूसी अमले की ओर से झंडे की रस्म को अदा किया गया। रास्ते में झंडे को चूमने के लिए अकीदतदों का सैलाब उमड़ा।
Author: JAN TV Editorial Team
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