सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को टिप्पणी की थी कि सभी पक्ष आपस में मिलकर कोर्ट के बाहर इस मामले को सुलझाएं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कि सभी पक्षों को इस मुद्दे को सुलझाने के नए प्रयास करने के लिए मध्यस्थ चुनने चाहिए। उन्होंने ये भी टिप्पणी की कि अगर जरूरत पड़ी तो मामले के निपटान के लिए कोर्ट द्वारा प्रधान मध्यस्थ भी चुना जा सकता है।
राम मंदिर से जुडे़ इस विवाद को सुलझाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्रियों अटल बिहारी वाजपेयी, चंद्रशेखर और पी वी नरसिंह्म राव ने पहल की थी। सबसे पहले ब्रिटिश शासन काल में 1859 में इस विवाद को सुलझाने का प्रयास हुआ था।
Author: JAN TV Editorial Team
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