सनातन संस्कृति में मकर संक्राति का खास महत्व,तिल के व्यंजन बनाने और दान-पुण्य करने की परंपरा
(India) kriti

सनातन संस्कृति में मकर संक्राति का खास महत्व है। इस दिन तिल के व्यंजन बनाने और दान-पुण्य करने की परंपरा है।मकर संक्रांति का त्योहार इस बार 14 जनवरी को मनाया जाएगा।बाजार में मकर संक्रांति को लेकर खरीददारी भी शुरू हो चुकी है। दान—पुण्य के लिए तिल के लड्डु, फीणी के अलावा कळपने की वस्तुओं की खरीदारी शुरू हो गई है। व्यापारियों की मानें तो फीणी की ग्राहकी अब रंगत पकड़ने लगी है। बाजार में मकर संक्राति पर ग्राहक आ रहे है।,आपकों बता दें कि संक्राति पर विशेष रूप से काम आने वाले इस मिठाई की कीमत 150 रुपए से लेकर 300 रुपए किलो तक बिक रही है, जबकि देशी घी की फीणी 550 से 900 रुपए किलो तक बिक रही है।दुनिया में अपनी विशेष पहचान रखने वाले जयपुर के बाजार इन दिनों पतंगों से गुलजार है.वैसे तो जयपुर परकोटे के हर बाजार में पंतगों से दुकानें सजी हुई है... लेकिन रामगंज बाजार स्थित हांडीपुरा जयपुर का सबसे बडा बाजार है.जहां पतंगों का पूरा बाजार लगता है...यहां बरेली,रामपुर,सूरत सहित कई शहरों की पतंग बेची जाती है.बडी बात यह है कि भले ही में मकर संक्रांति आने में अभी तौडा समय है...लेकिन अभी से ही शहर के परकोटा क्षेत्र की छतो पर पतंगबाजी का दौर देखा जा सकता है....हालांकि कोरोना के वजह से इस बार भी पतंगबाज आन लाइन पतंग खरीद कर रहे है.

Author: JAN TV Editorial Team

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