हनुमान जयंती विशेष: भक्तिभाव से गूंजे बजरंगबली के भजन, पूरी होंगी सभी कामनाएं
(India) हर वर्ष चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती के रूप में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन को भगवान हनुमान के प्राकट्य दिवस के रूप में विशेष मान्यता प्राप्त है, जिन्हें भगवान शिव का रुद्र अवतार भी कहा जाता है। पवनपुत्र हनुमान का जन्म केसरी और अंजनी के घर हुआ था, और उनका जन्मोत्सव साल में दो बार श्रद्धालुओं द्वारा मनाया जाता है—एक बार चैत्र पूर्णिमा को और दूसरी बार कार्तिक मास की चतुर्दशी को, जिसे छोटी दीपावली भी कहा जाता है। विशेष रूप से चैत्र पूर्णिमा का दिन अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है। इस दिन भक्तजन व्रत रखते हैं, विधिपूर्वक पूजा करते हैं और भगवान हनुमान की भक्ति में लीन होकर भजन-कीर्तन करते हैं। ऐसे भक्ति भरे भजन बजरंगबली को प्रसन्न करने का श्रेष्ठ माध्यम माने जाते हैं और उनकी कृपा पाने के लिए यह दिन उत्तम अवसर होता है।

दुनिया चले ना श्री राम के बिना lyrics:

दुनिया चले ना श्रीराम के बिना
नाम बड़ा है सुखधाम के बिना

तेरे नाम के बिना जीवन अधूरा
जैसे सूना मंदिर हो बिना मुरारी
हर दुख में जो साथ निभाए
तेरा नाम ही तो मोती सा चमकाए

दुनिया चले ना श्रीराम के बिना
नाम बड़ा है सुखधाम के बिना

राम तेरे नाम की महिमा अपरम्पार
हर सांस में बसते हो तुम हर बार
तेरा नाम जपें तो मिटे संताप
हर दिल में तू, हर जुबां पे जाप

दुनिया चले ना श्रीराम के बिना
नाम बड़ा है सुखधाम के बिना

राम बिना ये तन अधूरा
राम बिना मन भी है सूना
भक्ति में जो डूब जाए
उसके जीवन में राम समाए

दुनिया चले ना श्रीराम के बिना
नाम बड़ा है सुखधाम के बिना

कीजो केसरी के लाल lyrics:


कीजो केसरी के लाल मेरा छोटा सा यह काम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम,
मैं राम संग जपता तुम्हारा सदा नाम,
अपने राम जी से कह देना जय सिया राम

दीन हीन के सहारे महावीर तुम हो,
अपने भक्तो की जगाते तकदीर तुम हो,
हर दुखिया का हाथ तुम लेते हो थाम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम

महाबली महायोद्धा महासंत तुम हो,
लाते सूखे हुए बागो में बसंत में तुम हो,
तेरी भक्ति से आत्मा को मिलता आराम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम

पूरी सदा ही हमारी हर आस करना,
बाबा भक्तो को कभी ना निराश करना,
दोनों चरण तुम्हारे हैं ‘लख्खा’ के सुखदाम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम

हे दुःख भन्जन मारुती नंदन lyrics:

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥

अष्ट सिद्धि, नव निधि के दाता, दुखिओं के तुम भाग्यविधाता।
सियाराम के काज सवारे, मेरा करो उद्धार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार॥

अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी, तुम पर रीझे अवधबिहारी ।
भक्तिभाव से ध्याऊं तोहे, कर दुखों से पार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार ।
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥

जपूं निरंतर नाम तिहरा, अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा ।
रामभक्त मोहे शरण मे लीजे, भाव सागर से तार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥

Author: JAN TV Editorial Team

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