नारद जी ने राजा अम्बरीष को बताया था कि जैसे नदियों में गंगा और वृक्षों में कल्पतरु श्रेष्ठ हैं, वैसे ही महीनों में वैशाख सबसे उत्तम है। इस महीने में जल, चप्पल, पंखा, छाता, अन्न और शीतल स्थान (शेल्टर) का दान करने से व्यक्ति को हर जन्म में राजा जैसा सुख मिलता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
जो व्यक्ति इस महीने में स्नान और दान नहीं करता, उसे पाप का भागी बनना पड़ता है। इसलिए वैशाख मास में पुण्य कर्मों का विशेष महत्व बताया गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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