कलश स्थापना के लिए प्रातःकाल का समय अत्यंत उत्तम माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर तक कलश स्थापना करना शुभ फलदायी रहता है। जिन लोगों को सटीक समय नहीं मिल पाता, वे अभिजीत मुहूर्त में भी स्थापना कर सकते हैं।
1. प्रातः स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।
3. मिट्टी के बर्तन में जौ या गेहूं बोकर उस पर कलश स्थापित करें।
4. कलश पर नारियल और आम के पत्ते रखें।
5. मां दुर्गा का आवाहन कर दीप प्रज्वलित करें और सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। माना जाता है कि विधिपूर्वक कलश स्थापना और देवी पूजन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और साधक की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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