मां कात्यायनी चार भुजाओं वाली हैं। उनके एक हाथ में तलवार और दूसरे में कमल होता है, जबकि अन्य दो हाथ अभय और वर मुद्रा में रहते हैं। उनका वाहन सिंह है, जो शक्ति और पराक्रम का प्रतीक है।
पूजा विधि:
छठे दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
मां कात्यायनी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और धूप जलाएं।
पीले या लाल फूल अर्पित करें।
देवी को शहद का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
अंत में मां से साहस, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए गोपियों ने मां कात्यायनी की उपासना की थी। कहा जाता है कि इस दिन मां की पूजा से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सफलता प्राप्त होती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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