रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम अक्टूबर में होने वाली FATF की बैठक से पहले उठाया गया है। FIA ने पहले घोषित इनाम में 20 लाख पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी की है। 2021 में अजहर पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम रखा गया था।
मसूद अजहर लंबे समय से आतंकवाद और आतंकी फंडिंग से जुड़े मामलों में अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के निशाने पर रहा है। पाकिस्तान को पहले FATF की निगरानी सूची में रखा जा चुका है और अक्टूबर में FATF की बैठक प्रस्तावित है। ऐसे में अजहर के खिलाफ कार्रवाई को पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि सुधारने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार,मसूद अजहर पहली बार 1994 में भारत आया था, जहां उसे गिरफ्तार किया गया था। बाद में 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण के बाद यात्रियों की रिहाई के बदले उसे छोड़ा गया और वह पाकिस्तान पहुंच गया।
इसके बाद उसका नाम कई आतंकी घटनाओं और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी गतिविधियों में सामने आया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी सूची में शामिल कराने के प्रयासों में चीन ने कई बार अड़चन डाली थी।
रिपोर्ट के मुताबिक,ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर में भारतीय कार्रवाई में मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य मारे गए थे। इसके बाद अजहर से जुड़ी गतिविधियों और पाकिस्तान की ओर से उस पर की जा रही कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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